सत्यधारा 24 | कांकेर
ब्यूरो रिपोर्ट : सतेंद्र सोनी
छत्तीसगढ़ के जंगलों से लगे इलाकों में भालू और इंसान के बीच बढ़ता टकराव अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। कुछ ही दिन पहले मादा भालू के हमले में दो ग्रामीणों की मौत की दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। इसी बीच कांकेर में एक बार फिर भालू के आक्रामक तेवर देखने को मिले।
इस बार वजह थी उसके दो शावक।

कांकेर क्षेत्र में दो शावक एक गड्ढे में गिर गए। उनकी आवाजाही और परेशानी के बीच मादा भालू आसपास पहुंच गई। शावकों के पास लोगों की मौजूदगी से वह बेकाबू हो गई और ग्रामीणों को दौड़ा दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
शावक गड्ढे में, ऊपर मंडरा रहा खतरा
मादा भालू अपने बच्चों को लेकर बेहद सतर्क थी। ग्रामीणों के करीब आने पर उसने आक्रामक रुख अपना लिया। हालात ऐसे बने कि लोगों को मौके से पीछे हटना पड़ा।

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हुई और क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए रेस्क्यू की तैयारी शुरू की गई।
वन विभाग ने दो शावकों को निकाला सुरक्षित
वन अमले ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए गड्ढे में फंसे दोनों शावकों को बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि मादा भालू और उसके बच्चों के बीच संपर्क बना रहे।
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सवाल सिर्फ भालू का नहीं, बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का है
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं जंगल से सटे गांवों के लिए गंभीर चिंता बन रही हैं। हालिया घटना में दो ग्रामीणों की जान जाने के बाद अब कांकेर में मादा भालू का ग्रामीणों को दौड़ाना बताता है कि इंसान और वन्यजीव के बीच दूरी बनाए रखना कितना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शावकों के आसपास मादा भालू बेहद आक्रामक हो सकती है। ऐसे समय में भीड़ लगाना, उसे घेरना या नजदीक जाकर वीडियो बनाना जानलेवा साबित हो सकता है।
वन विभाग की अपील: जंगल या आसपास भालू दिखाई दे तो उसके पास जाने की कोशिश न करें। भीड़ न लगाएं और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
सत्यधारा 24 अपील: जंगल हमारा भी है और वन्यजीवों का भी। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें।

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