कवर्धा की सहकारी मिल ने हासिल किया ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी’ अवॉर्ड, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया सम्मानित

कवर्धा | सत्यधारा 24

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। कारखाने को 2024-25 और 2025-26 के लगातार दो पेराई सत्रों के लिए ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया’ श्रेणी में नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में पहली बार यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है।

नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे। कारखाने की ओर से पुरस्कार सहकारिता विभाग और कारखाना प्रबंधन के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया।

दो साल लगातार प्रदर्शन, किसानों की मेहनत को राष्ट्रीय पहचान

इस उपलब्धि का सीधा संबंध गन्ना उत्पादन और कारखाने की कार्यक्षमता से है। शुगर रिकवरी का स्तर बेहतर होना कारखाने की तकनीकी दक्षता, गन्ने की गुणवत्ता और प्रसंस्करण व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

भोरमदेव कारखाने की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सम्मान एक नहीं बल्कि लगातार दो पेराई सत्रों के लिए मिला है। इससे कारखाने से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों और कर्मचारियों के बीच उत्साह बढ़ा है।

किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने पर जोर

कारखाने की ओर से पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में नए गन्ना उत्पादक किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने, किसानों को रियायती दर पर शक्कर और प्रेसमड उपलब्ध कराने तथा आधुनिक गन्ना उत्पादन तकनीकों से परिचित कराने जैसी गतिविधियां संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है।

किसानों को बेहतर गन्ना उत्पादन के लिए प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों तथा गन्ना अनुसंधान संस्थानों में किसानों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने की पहल की गई।

नई प्रजातियों और तकनीक पर भी फोकस

गन्ने की उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उन्नत प्रजातियों के बीज एवं पौध किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराने की पहल की गई है। कारखाने की जानकारी के अनुसार, करीब 1,000 एकड़ क्षेत्र में नई एवं उन्नत गन्ना प्रजातियों का रोपण कराया गया है। कारखाना परिसर में लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट भी विकसित किए गए हैं।

इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों और प्रजातियों के परिणाम प्रत्यक्ष रूप से दिखाना और उन्हें बेहतर उत्पादन के विकल्प उपलब्ध कराना है।

श्रमिकों के लिए भी कल्याणकारी पहल

कारखाने से जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए भी कल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कारखाना परिसर में मुख्यमंत्री श्रम अन्न योजना के तहत कैंटीन संचालित होने की जानकारी दी गई है, जहां श्रमिकों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य जांच शिविर जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।

विजय शर्मा और केदार कश्यप ने दी बधाई

राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कारखाने से जुड़े किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

लगातार दो वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर ‘हाईएस्ट शुगर रिकवरी’ का सम्मान मिलना भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान केवल कारखाने के प्रदर्शन को ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों की मेहनत और सहकारी व्यवस्था में उनके योगदान को भी राष्ट्रीय मंच पर पहचान देता है।

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