सत्यधारा 24 | जगदलपुर
बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर खिलाड़ियों को जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। बस्तर जिला एथलेटिक्स संघ ने इस बार पिछले वर्ष के पंजीयन का रिकॉर्ड तोड़ने और दोगुने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
बस्तर जिला एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष संग्राम सिंह राणा ने जिले के खिलाड़ियों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराने और पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में हिस्सा लेने की अपील की है।
राणा के मुताबिक, पिछले वर्ष बस्तर जिले से 95,243 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष संघ ने इसके मुकाबले दोगुना यानी 1,90,486 पंजीयन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उनका कहना है कि यह लक्ष्य महज आंकड़ा नहीं है, बल्कि बस्तर के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें बड़े मंच से जोड़ने का अभियान है।
बस्तर की मिट्टी में प्रतिभाओं की कमी नहीं
संग्राम सिंह राणा ने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इन खिलाड़ियों को पंजीयन से लेकर प्रतियोगिता के मैदान तक पहुंचने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी से नई प्रतिभाओं की पहचान के साथ उन्हें आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा।
हर खिलाड़ी जोड़े एक और खिलाड़ी
दोगुने पंजीयन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संघ अध्यक्ष ने खिलाड़ियों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी खुद पंजीयन कराने के साथ कम से कम एक अन्य खिलाड़ी को भी बस्तर ओलंपिक से जोड़े।
राणा के मुताबिक, यदि प्रत्येक खिलाड़ी एक और खिलाड़ी को इस अभियान से जोड़ता है तो दोगुने पंजीयन का लक्ष्य हासिल करना संभव है।
रिकॉर्ड से आगे भागीदारी का लक्ष्य
संघ अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ना नहीं है। लक्ष्य बस्तर के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देना है।
उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा—
“इस बार हमारा लक्ष्य सिर्फ दोगुना पंजीयन करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर खिलाड़ी की भागीदारी सुनिश्चित करना है। आइए, मिलकर ऐसा रिकॉर्ड बनाएं कि बस्तर ओलंपिक 2026 बस्तर की खेल शक्ति और नए बस्तर की नई पहचान बने।”
