बेटे त्रिनय का भी 9 अक्टूबर को पहला जन्मदिन, पिता ने मानव सेवा को समर्पित किया खास दिन
सुकमा | सत्यधारा 24
जन्मदिन पर केक काटने और जश्न मनाने के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस खास दिन को किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने के प्रयास से जोड़ते हैं। सुकमा के जसराज जैन ‘रक्तमित्र’ ने अपने 41वें जन्मदिन पर 36वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।
जसराज जैन ने 9 अक्टूबर को सुकमा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान किया। इस दिन उनके लिए खुशी का एक और खास अवसर था। उनके बेटे त्रिनय जैन का भी इसी तारीख को पहला जन्मदिन था। पिता के 41वें और बेटे के पहले जन्मदिन के इस अनोखे संयोग को उन्होंने रक्तदान के जरिए यादगार बनाया।
खुशियों के दिन को सेवा से जोड़ा
रक्त की जरूरत किसी भी मरीज के लिए मुश्किल समय में जीवनरक्षक साबित हो सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंदों की मदद का महत्वपूर्ण माध्यम है। जसराज जैन का 36वां रक्तदान इसी सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देता है।
36 बार रक्तदान, दूसरों को भी प्रेरित करने की पहल
अपने जन्मदिन के साथ बेटे के जीवन के पहले जन्मदिन को भी मानव सेवा से जोड़कर जसराज जैन ने स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। उनका यह प्रयास बताता है कि व्यक्तिगत खुशियों को समाज के हित में किए गए कार्यों के साथ भी यादगार बनाया जा सकता है।
पिता और पुत्र के जन्मदिन की एक ही तारीख पर किया गया यह रक्तदान परिवार की खुशी के साथ मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी सामने लाता है।
सत्यधारा 24 | विशेष रिपोर्ट
