सत्यधारा 24। विशेष
रायपुर। सत्ता के गलियारों में मुख्यमंत्री की पहचान अक्सर बड़े फैसलों, बैठकों और सरकारी घोषणाओं से होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है—जहां मुख्यमंत्री की कुर्सी पीछे छूट जाती है और सामने दिखाई देता है एक किसान का बेटा, अपनी मिट्टी और खेत से जुड़ा हुआ।
हाल ही में मुख्यमंत्री साय का अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचना और बैलों के साथ पारंपरिक तरीके से हल चलाना चर्चा में रहा। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने खेत में बियासी यानी बोवनी की और खेती से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को भी साझा किया।
जब मुख्यमंत्री ने थामी हल की मूठ
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री साय का यह अंदाज इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचता है, क्योंकि कुछ समय के लिए यहां न कोई बड़ा मंच है, न सरकारी फाइलें और न ही सुरक्षा घेरे के बीच कोई औपचारिक कार्यक्रम।
हाथ में हल की मूठ है, सामने खेत है और साथ में बैलों की जोड़ी।
साय खुद किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने खेती को केवल रोजी-रोटी नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बताया है। उनका कहना है कि अपनी माटी और खेत से जुड़ना उन्हें मानसिक सुकून और नई ऊर्जा देता है।
राजनीति से अलग दिखता है साय का ग्रामीण चेहरा
विष्णुदेव साय दिसंबर 2023 से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उनकी राजनीतिक पहचान के साथ उनका ग्रामीण और आदिवासी पृष्ठभूमि से जुड़ा व्यक्तित्व भी महत्वपूर्ण है।
यही वजह है कि खेत में हल चलाते हुए उनकी तस्वीर महज एक वायरल वीडियो या तस्वीर नहीं रह जाती। यह उस पृष्ठभूमि की याद दिलाती है, जहां से निकलकर कोई व्यक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी संवैधानिक राजनीतिक जिम्मेदारियों में से एक तक पहुंचता है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में किसान कनेक्शन
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में खेती-किसानी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री का खेत में उतरना इसी ग्रामीण जीवन से उनके जुड़ाव को सामने लाता है।
साय ने भी छत्तीसगढ़ की पहचान को उसकी उपजाऊ मिट्टी, किसानों और कृषि परंपराओं से जोड़ा है।
एक तस्वीर, कई सवाल
मुख्यमंत्री का यह अंदाज देखकर सवाल भी उठता है—क्या आज की राजनीति में सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ा रहना संभव है?
विष्णुदेव साय की खेत वाली तस्वीर कम से कम यह जरूर दिखाती है कि मुख्यमंत्री की पहचान के पीछे एक ग्रामीण पृष्ठभूमि भी है, जिसे वे सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हैं।
मुख्यमंत्री की कुर्सी बड़ी हो सकती है, लेकिन साय के लिए अपनी माटी का रिश्ता शायद उससे भी बड़ा है।
सत्यधारा 24 की नजर में
यह तस्वीर राजनीति से ज्यादा जड़ों से जुड़े रहने की कहानी है। एक तरफ प्रदेश का मुख्यमंत्री और दूसरी तरफ खेत में हल चलाता किसान—दोनों चेहरे एक ही व्यक्ति के हैं।
यही शायद विष्णुदेव साय की इस तस्वीर को खास बनाता है।
