हैदराबाद बन सकता है बड़ा हाईस्पीड रेल हब, मुंबई-पुणे से लेकर अमरावती, तिरुपति, बेंगलुरु और चेन्नई तक तेज कनेक्टिविटी का प्रस्ताव

नई दिल्ली | सत्यधारा 24

भारत में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद अब दक्षिण और पश्चिम भारत के कई बड़े शहरों को जोड़ने वाले नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें हैदराबाद को प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई है।

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की ओर से प्रस्तावित योजनाओं के तहत हैदराबाद को मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ने वाले हाईस्पीड कॉरिडोर पर काम किया जा रहा है। इन नेटवर्क के आकार लेने पर महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 25 से ज्यादा प्रमुख शहरों को तेज रेल कनेक्टिविटी मिल सकती है।

मुंबई-हैदराबाद के बीच सफर में बड़ा बदलाव

प्रस्तावित मुंबई-हैदराबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 711 से 767 किलोमीटर के बीच बताई गई है। इस रूट पर बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 12 घंटे से घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह सकता है।

संभावित स्टेशनों में मुंबई के बीकेसी, नवी मुंबई, लोनावला, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, बारामती, सोलापुर, कलबुर्गी, विकाराबाद और हैदराबाद शामिल हैं। इस कॉरिडोर से मुंबई और पुणे के बीच भी यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

हैदराबाद-बेंगलुरु कॉरिडोर भी प्रस्तावित

दूसरा महत्वपूर्ण कॉरिडोर हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच होगा। करीब 610 किलोमीटर लंबे इस रूट पर यात्रा का समय मौजूदा 10 से 12 घंटे की तुलना में घटकर लगभग ढाई घंटे तक आने का अनुमान है।

इस रूट में महबूबनगर, कुरनूल, अनंतपुर और चिकबल्लापुर जैसे शहरों को जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इससे दक्षिण भारत के दो बड़े आईटी और कारोबारी केंद्रों के बीच तेज आवागमन की सुविधा विकसित हो सकती है।

अमरावती और तिरुपति से होकर चेन्नई तक हाईस्पीड रेल

हैदराबाद-चेन्नई हाईस्पीड कॉरिडोर भी इस योजना का अहम हिस्सा है। करीब 745 किलोमीटर के इस रूट पर यात्रा लगभग ढाई से तीन घंटे में पूरी होने का अनुमान है।

संभावित रूट में हैदराबाद, शमशाबाद, डाचेपल्ली, अमरावती, गुंटूर, ओंगोल, नेल्लोर, तिरुपति और चेन्नई जैसे शहर शामिल हो सकते हैं। इससे आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ धार्मिक और औद्योगिक केंद्रों को भी हाईस्पीड रेल नेटवर्क का लाभ मिलने की संभावना है।

हैदराबाद में एयरपोर्ट के पास बन सकता है मुख्य टर्मिनल

हैदराबाद को इन कॉरिडोर का बड़ा इंटरचेंज हब बनाने की योजना पर भी चर्चा है। प्रस्तावित मुख्य टर्मिनल राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास शमशाबाद अथवा कोकापेट SEZ क्षेत्र में बनाए जाने की संभावना बताई गई है।

ऐसा होने पर हाईस्पीड रेल, एयरपोर्ट, मेट्रो और सड़क नेटवर्क को एक साथ जोड़कर मल्टी-मॉडल परिवहन व्यवस्था विकसित की जा सकती है। हालांकि अंतिम स्थान का फैसला विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

अभी प्रस्ताव के चरण में हैं ये परियोजनाएं

इन हाईस्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर डीपीआर, LiDAR सर्वे और रूट अलाइनमेंट जैसी प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है। अंतिम मंजूरी, रूट और स्टेशन की सूची में बदलाव संभव है। इसलिए फिलहाल इन्हें प्रस्तावित कॉरिडोर के तौर पर देखा जा रहा है।

अगर ये योजनाएं मंजूरी और निर्माण के अगले चरण तक पहुंचती हैं, तो दक्षिण भारत के बड़े महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो सकता है और मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, अमरावती, तिरुपति और चेन्नई जैसे शहर एक नए हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।

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