भारत टैक्सी के शुभारंभ कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने युवाओं से स्वरोजगार को लेकर की बात, बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में
लखनऊ, 28 सितंबर 2026 | सत्यधारा 24
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का युवाओं को स्वरोजगार और परिवार के साथ समय देने की सलाह वाला बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। यह बयान 23 सितंबर को लखनऊ में कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान सामने आया था।
कार्यक्रम में युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी की तलाश में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने ई-रिक्शा या टैक्सी चलाकर कमाई करने और अपने काम के समय में लचीलापन रखने की बात कही।
“अपना 4 घंटा चलाओ, बच्चों के साथ समय बिताओ”
पाठक के बयान के अनुसार, उन्होंने युवाओं से कहा कि वे दिन के कुछ घंटे ई-रिक्शा या टैक्सी चलाकर कमाई कर सकते हैं और बाकी समय परिवार के साथ बिता सकते हैं। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि नौकरी करने पर क्या कोई दोपहर में अपने बच्चों के पास बैठने के लिए समय निकाल पाएगा।
उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वीडियो के रूप में तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
भारत टैक्सी के ड्राइवर-ओनर मॉडल का किया उल्लेख
यह कार्यक्रम ‘भारत टैक्सी’ सेवा के शुभारंभ से जुड़ा था। रिपोर्टों के मुताबिक, इस सेवा का मॉडल ड्राइवर-ओनर आधारित है। इसी संदर्भ में पाठक ने युवाओं के लिए स्वरोजगार के विकल्प के तौर पर अपनी गाड़ी चलाने और उससे आय अर्जित करने की बात रखी।
बयान पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
ब्रजेश पाठक के बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस पर बहस शुरू हो गई। कुछ प्रतिक्रियाओं में इसे युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ने की सलाह के रूप में देखा गया, जबकि कुछ लोगों ने नौकरी और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने भी सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं और रिक्शा चलाने के मुद्दे को लेकर पाठक पर निशाना साधा।
रोजगार को लेकर फिर छिड़ी बहस
ब्रजेश पाठक के बयान ने एक बार फिर यह सवाल चर्चा में ला दिया है कि युवाओं के लिए नौकरी और स्वरोजगार के बीच किस तरह के विकल्प उपलब्ध होने चाहिए। जहां नौकरी को स्थायी आय और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाता है, वहीं स्वरोजगार में काम के समय और आय के स्तर को व्यक्ति अपने हिसाब से तय करने की कोशिश कर सकता है।
हालांकि, पाठक के बयान का मूल संदर्भ ‘भारत टैक्सी’ के ड्राइवर-ओनर मॉडल और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने से जुड़ा था।
सत्यधारा 24 | सच की धारा, सबके साथ
वेब: satyadhara24.in
