SRCC के मंच से PM मोदी का युवाओं को संदेश—देश की रफ्तार रोकने वाली नकारात्मक राजनीति से सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में युवाओं के बीच अपने भाषण का अंदाज पूरी तरह बदलते हुए Gen-Z भाषा और लोकप्रिय संस्कृति का सहारा लिया। ‘OG’ और ‘धुरंधर’ जैसे युवाओं में लोकप्रिय शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मोदी ने छात्रों से सीधा संवाद कायम किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री का अंदाज पारंपरिक राजनीतिक भाषण से अलग नजर आया। मंच पर उनकी एंट्री और युवाओं से संवाद ने माहौल को हल्का-फुल्का बनाया, लेकिन भाषण के राजनीतिक संदेश में तीखापन साफ दिखाई दिया।

‘झूठ का शोर’ बनाकर लोगों को भटकाने वालों पर निशाना

मोदी ने विपक्ष पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि देश में ऐसे लोग मौजूद हैं जो लगातार भ्रम और नकारात्मकता का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया के शोर या राजनीतिक दावों को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय तथ्यों और वास्तविकता के आधार पर अपनी राय बनाएं।

प्रधानमंत्री के संबोधन में यह संदेश भी प्रमुख रहा कि भारत की विकास यात्रा को केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

‘OG’ से लेकर ‘धुरंधर’ तक—मोदी ने पकड़ी Gen-Z की भाषा

SRCC के छात्रों के बीच प्रधानमंत्री ने युवाओं की बोलचाल में इस्तेमाल होने वाले शब्दों का इस्तेमाल कर माहौल को सहज बनाया। उन्होंने कॉलेज के पुराने विद्यार्थियों को ‘OG’ बताते हुए उनके योगदान का जिक्र किया और ‘धुरंधर’ शब्द के जरिए अपने चुटीले अंदाज में संवाद किया।

इस अंदाज ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा बटोरी। राजनीतिक मंच से अलग भाषा और प्रस्तुति के जरिए युवाओं से जुड़ने की प्रधानमंत्री की कोशिश को कार्यक्रम की खासियत के तौर पर देखा गया।

मोदी का फोकस—युवा, विकास और 2047 का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की मौजूदा आर्थिक और विकास यात्रा की तुलना पिछले दौर से करते हुए युवाओं को देश के भविष्य का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य और 2047 तक देश को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

राजनीतिक संदेश भी साफ—‘शोर नहीं, प्रदर्शन देखिए’

मोदी के भाषण का एक बड़ा हिस्सा इस संदेश के इर्द-गिर्द रहा कि भारत के भविष्य का फैसला केवल राजनीतिक नारों से नहीं, बल्कि उपलब्धियों, अवसरों और युवाओं की भागीदारी से होगा।

SRCC के मंच से मोदी का यह अंदाज इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि एक तरफ उन्होंने युवाओं की भाषा में उनसे कनेक्ट करने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की राजनीति पर तीखे संकेत भी दिए।

यानी मंच पर Gen-Z स्टाइल, शब्दों में ‘धुरंधर’ और निशाने पर विपक्ष—SRCC में मोदी का अंदाज भाषण से कहीं ज्यादा राजनीतिक संदेश छोड़ गया।

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