सत्यधारा 24 ! 16 सितंबर 20026
चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी, CJI सूर्यकांत की टिप्पणी—पुराने रवैये को देखते हुए भरोसा करना मुश्किल
नई दिल्ली। अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े पुराने चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर 2 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट भी सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजपाल यादव के पिछले रवैये पर नाराजगी जताई। रिपोर्टों के मुताबिक, CJI ने उनकी ओर से पहले किए गए वादों और उनके अनुपालन को देखते हुए भरोसे को लेकर सवाल उठाया और उनकी अभिनय क्षमता का जिक्र करते हुए तीखी टिप्पणी की।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद करीब 2010 से चला आ रहा है। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। बाद में रकम की वापसी को लेकर विवाद बढ़ा और चेक बाउंस होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
इस मामले में कुल सात चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को दोषी ठहराया जा चुका है। ट्रायल कोर्ट के बाद सेशंस कोर्ट और फिर दिल्ली हाईकोर्ट में भी उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही। जुलाई 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा में हस्तक्षेप से इनकार किया था।
अब सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राजपाल यादव को राहत जारी रखते हुए भुगतान के लिए दो सप्ताह की अंतिम मोहलत दी है। अदालत ने 2 करोड़ रुपये जमा करने के साथ पासपोर्ट सरेंडर करने का भी निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
यह मामला अब सिर्फ बकाया रकम का विवाद नहीं रह गया है, बल्कि अदालत में दिए गए आश्वासनों और उनके पालन को लेकर भी गंभीर कानूनी सवालों से जुड़ चुका है।
सत्यधारा 24 | खबर वही, नजर अपनी
