जकार्ता। इंडोनेशिया का सक्रिय अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी एक बार फिर उग्र हो गया है। ज्वालामुखी से निकल रही राख और गैस के कारण आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालिया विस्फोट के बाद ज्वालामुखीय राख का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा और बड़ी संख्या में उड़ानों को रद्द या प्रभावित करना पड़ा।
ज्वालामुखी से निकली राख हवा के साथ कई इलाकों तक पहुंची। स्थिति को देखते हुए इंडोनेशिया के कई हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इससे करीब 2,900 उड़ानें और 3.4 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए। मंगलवार को जकार्ता के सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट समेत कई हवाई अड्डों पर सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गईं।
आग और राख उगल रहा ज्वालामुखी
अनाक क्राकाटोआ में हालिया गतिविधि के दौरान तेज विस्फोट, राख के गुबार और लावा के फव्वारे जैसी घटनाएं दर्ज की गईं। ज्वालामुखी की गतिविधि को देखते हुए अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ज्वालामुखी अभी भी सक्रिय है और परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
हवाई सेवाओं पर बड़ा असर
ज्वालामुखीय राख विमान के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसी वजह से एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को रोका गया। जकार्ता एयरपोर्ट पर उड़ानें फिर शुरू होने के बाद भी बड़ी संख्या में विमानों की सुरक्षा जांच की गई।
2018 की त्रासदी से जुड़ा है क्राकाटोआ
अनाक क्राकाटोआ वही ज्वालामुखी है जिसने दिसंबर 2018 में विनाशकारी सुनामी को जन्म दिया था। उस घटना में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। यही वजह है कि इसकी मौजूदा गतिविधि पर इंडोनेशियाई एजेंसियां बेहद करीब से नजर रख रही हैं।
अधिकारियों ने लोगों से ज्वालामुखी के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं जाने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
अभी भी सक्रिय है ज्वालामुखी
मंगलवार को प्रभावित हवाई अड्डों को धीरे-धीरे खोला गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अनाक क्राकाटोआ अभी सक्रिय है और राख का फैलाव दोबारा हवाई यातायात को प्रभावित कर सकता है।
सत्यधारा 24 | अंतरराष्ट्रीय डेस्क
